Azadi ka Amrit Mahatsav

Last Visited Page  

एनआरई खाता

अनिवासी विदेशी खाते (एन.आर.ई. खाता)

 

  • यह खाता अनिवासी खाताधारक द्वारा स्वयं खोला जाना चाहिए न कि भारत में मुख्तारनामा धारक द्वारा।
  • खाता रुपये में रखा जाएगा। यह खाता बचत, चालू, आवर्ती और सावधि जमाराशि आदि जैसे किसी भी रूप में रखा जा सकता है।
  • संयुक्त खाते दो या अधिक एनआरआई और / या पीआईओ द्वारा या किसी निवासी रिश्तेदार (एस) के साथ एनआरआई / पीआईओ द्वारा खोले जा सकते हैं 'पूर्व या उत्तरजीवी' आधार हालांकि, एनआरआई / पीआईओ खाता धारक के जीवन काल के दौरान, निवासी रिश्तेदार खाता संचालित कर सकता है केवल पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के रूप में।
  • खाता खोलना
    1. विदेश से धन-प्रेषण,
    2. खातेदार की अस्थायी भेंट के दौरान विदेशी मुद्रा के नोट्स/ यात्री चेक के आगम
    3. ड्राफ्ट/ वैयक्तिक चेकों के आगम
    4. उसी व्यक्ति के मौजूदा एफ.सी.एन.आर./ एन.आर.ई. खातों से अंतरण

प्रत्यावर्तन

इस खाते में रखी गई निधि उस पर अर्जित ब्याज समेत पूर्णतः प्रत्यावर्तनीय है।

मुख्तारनामा

एन.आऱ.ई. खाते के लिए मुख्तारनामा स्थानीय भुगतानों, पात्र निवेशों आदि करने के लिए खाते का परिचालन करने की अनुमति देते हुए स्थानीय व्यक्ति को दिया जा सकता है ।

कर लाभ

इन जमाराशियों पर अर्जित ब्याज के रूप में आमदनी को आयकर से छूट प्राप्त है। इन खातों में रखा गया शेष संपत्ति कर से मुक्त है।

नामांकन सुविधा

एन.आर.ई. खातों के लिए नामांकन सुविधा उपलब्ध है।

जमा करने की अनुमति

विदेशी मुद्रा के चेक, ड्राफ्ट, यात्री चेक, विदेश से विदेशी मुद्रा में धन-प्रेषण, आपके मौजूदा एन.आर.ई./ एफ.सी.एन.आर. खातों से आगम, सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज तथा यू.टी.आई. के लाभांश और शेयरों तथा डिबेंचरों में अन्य निवेश, बशर्ते कि निवेश एन.आर.ई./ एफ.सी.एन.आर. खातों को नामे डालकर की गई हो।

नामे डालने की अनुमति

स्थानीय संवितरण, भारत के बाहर धन-प्रेषण, आपके स्वयं खाते से एन.आर.ई./ एफ.सी.एन.आर. खाते में अंतरण। प्रचलित विनियमों के अधीन किसी भी भारतीय कंपनी के शेयरों/ प्रतिभूतियों/ डिबेंचरों में निवेश की अनुमति दी जाती है।