आर्थिक रूप से दुर्बल घटकों के विद्यार्थियों द्वारा लिए गए शैक्षिक ऋण पर अधिस्थगन अवधि के लिए ब्याज अर्थसाहाय्य प्रदान करने हेतु केन्द्रीय योजना
भारत में मान्यताप्राप्त संस्थाओं से तकनीकी और व्यावसायिक धारा में अनुमोदित पाठ्यक्रमों में से किसी की पढ़ाई करने के लिए शैक्षिक ऋण योजना के अधीन आर्थिक रूप से दुर्बल घटकों के विद्यार्थियों द्वारा लिए गए ऋणों पर अधिस्थगन अवधि के दौरान पूर्ण ब्याज अर्थसाहाय्य प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने योजना अनुमोदित की है।
हम योजना की मार्गदर्शी सूचनाएँ नीचे दे रहे हैं
1. योजना की प्रयोजनीयता
यह योजना केवल भारत में मान्यताप्राप्त तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के लिए लागू है। हमारे बैंक की वर्तमान आदर्श शैक्षिक ऋण योजना के साथ ब्याज अर्थसाहाय्य जोड़ा जाएगा और उन्हीं विद्यार्थियों तक सीमित होगा, जिन्होंने संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थाओं, संबंधित सांविधिक निकायों, इंडियन इन्स्टिट्यूट्स ऑफ मनेजमेंट ( आई. आई. एम. ) द्वारा मान्यताप्राप्त अन्य संस्थाओं तथा केन्द्रीय / राज्य सरकारों द्वारा गठित अन्य संस्थाओं के भारत में ( कक्षा 12 वीं के बाद ) मान्यताप्राप्त तकनीकी / व्यनसायिक पाठ्यक्रमों में नाम दाखिल किया है।
2. ब्याज अर्थसाहाय्य के लिए पात्रता
इस योजना के अधीन ब्याज अर्थसाहाय्य पात्र विद्यार्थियों के लिए केवल एक बार भारत में या तो पहले स्नातकपूर्व उपाधि पाठ्यक्रम या स्नातकोत्तर उपाधि / डिप्लोमाओं के लिए उपलब्ध होगा। इस योजना के अधीन ब्याज अर्थसाहाय्य एकीकृत पाठ्यक्रमों ( स्नातक + स्नातकोत्तर ) के लिए भी स्वीकार्य होगा।
इस योजना के अधीन ब्याज अर्थसाहाय्य ऐसे विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध नहीं होगा जो बीच में ही पाठ्यक्रम खंडित करते हैं या जिन्हें अनुशासनिक या शैक्षिक आधार पर संस्था से निष्कासित किया जाता है। फिर भी ब्याज अर्थसाहाय्य तब उपलब्ध होगा यदि पाठ्यक्रम खंडित करना चिकित्सा के आधार पर था, जिसके लिए शैक्षिक संस्था के प्रमुख के संतोष के लिए आवश्यक दस्तावेजीकरण देना होगा।
3. अर्थसाहाय्य प्रयोजनीय अवधि
बैंक की आदर्श शैक्षिक ऋण योजना के अधीन विहित के अनुसार अधिस्थगन अवधि के लिए अर्थात् पाठ्यक्रम अवधि, अधिक एक वर्ष या नौकरी मिलने के बाद छह महीने; इनमें से जो पहले हो; इस योजना के तहत भारत में तकनीकी / व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए शैक्षिक ऋण लेने के हेतु आर्थिक रूप से दुर्बल घटक के विद्यार्थियों द्वारा देय ब्याज भारत सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। अधिस्थगन अवधि होने के बाद बकाया ऋण रकम पर ब्याज वर्तमान आदर्श शैक्षिक ऋण योजना तथा समय - समय पर संशोधित किए जाने वाले प्रावधानों के अनुसार विद्यार्थी द्वारा चुकता किया जाएगा।
4. प्रभावी शैक्षिक वर्ष
यह योजना शैक्षिक वर्ष 2009-10 के 1 अप्रैल 2009 से प्रभावी होगी। शैक्षिक वर्ष 2009-10 (मंजूरी का दिनांक छोड़) के शुरू से ली गई ऋण की रकम ही ब्याज अर्थसाहाय्य की योजना के अधीन सम्मिलित की जाएगी।
टिप्पणी : शैक्षिक वर्ष 2009-10 से पहले शुरू पाठ्यक्रमों के लिए वितरीत किसी भी रकम पर ब्याज को अर्थसाहाय्य के लिए विचारार्थ नहीं लिया जाएगा।
5. आय की सीमा
इस योजना के अधीन लाभ वार्षिक सकल पैतृक / परिवार की आय की ऊपरी सीमा रु. 4.5 लाख प्र.व. ( सभी स्त्रोतों से ) वाले आर्थिक रूप से दुर्बल घटक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। इस योजना का उद्देश्य ऐसे आर्थिक रूप से दुर्बल घटक के विद्यार्थियों, जिनके परिवार की विहित ऊपरी वार्षिक सकल आय ( सभी स्त्रोतों से ) की सीमा जो आर्थिक सूचक पर आधारित है न कि सामाजिक पृष्ठभूमि पर, की आवश्यकता की पूर्ति करना है।
6. आय की प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी
विद्यार्थियों के लिए आय का सबूत ऐसे सार्वजनिक प्राधिकरणों से आवश्यक होगा जिन्हें केन्द्रीय और राज्य क्षेत्र की योजनाओं समेत इस योजना के लिए आय की स्थिति का प्रमाणन हेतु राज्य सरकारों द्वारा प्राधिकृत किया गया है।
महाराष्ट्र राज्य के लिए आय प्रमाणपत्र जारी करने के लिए तहसीलदार सक्षम अधिकारी है।
अन्य राज्यों के लिए विद्यार्थी उधारकर्ताओं से ऐसे आय प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कि कौन प्राधिकृत है, उस सक्षम प्राधिकारी का ब्योरा जानने के लिए हमारी शाखाओं के अधिकारियों से मिलने का अनुरोध करते हैं।
7. अन्य
ब्याज अर्थसाहाय्य का इस योजना के अधीन दावा केवल तभी होना चाहिए जब अर्थसाहाय्य का दावा दूसरे किसी राज्य सरकार की योजना पर नहीं किया गया था।
सभी पात्र विद्यार्थी उधारकर्ताओं से अनुरोध है कि इस योजना के अधीन अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज अर्थसाहाय्य पाने के लिए नाम दाखिल करने हेतु संबंधित शाखाओं ( जहाँ से उन्होंने शैक्षिक ऋण लिया है ) को भेंट दें। ब्याज अर्थसाहाय्य दावे को प्रस्तुत करने के लिए शाखा अधिकारियों से मिलने से पहले उपर्युक्त विषयवस्तु पूरी तरह पढ़ने का अनुरोध है। यह योजना केवल उनके लिए लागू है जिन्होंने 01.04.2009 को या उसके बाद शैक्षिक ऋण लिया है।
इस योजना के अधीन ब्याज अर्थसाहाय्य का लाभ पाने के
लिए विद्यार्थी उधारकर्ताओं को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे
- उपर्युक्त पाइंट क्र. 5 में दिए गए के अनुसार आय का प्रमाणपत्र हासिल करें।
- सभी आवश्यक प्रमाणपत्र लेना सुनिश्चित करें और संबंधित शाखा को भेंट दें।
- अर्थसाहाय्य का दावा करने हेतु आवेदन प्रस्तुत करें ( आवेदन / करार शाखा प्राधिकारियों द्वारा दिया जाएगा। )
|