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बैंक कार्पोरेट क्षेत्र को उसकी व्यापारिक गतिविधियों तथा इकाई स्थापित करने, आधुनिकीकरण, विशाखन तथा कोटि उन्न यन हेतु वित्त देता है ।
यह वित्त निम्नलिखित रूप में उपलब्धि है -
निधिक सुविधाएं
गैर निधिक सुविधाएं
निधिक सुविधाएं
- सावधि ऋण :
एक निश्चित समय के बाद किश्तों में पुनर्भुगतान
प्रयोजन : अचल आस्तियों / मशीनरी के अधिग्रहण हेतु या परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु ।
ऋण की राशि : आमतौर पर 25 प्रतिशत मार्जिन रखते हुए सामान्य लागत का 75 प्रतिशत ।
ब्याज दर : ब्याज दर देखने के लिए यहां क्लिक करें
प्रतिभूति : परिसंपत्तियों (आस्तियों) पर प्रभार ।
- नकदी ऋण :
चल खाता सुविधा ।
प्रयोजन :कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति करना ।
सुविधा की राशि : बैंक द्वारा निर्धारित कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पर आधारित ।
ब्या ज दर : ब्याज दर देखने के लिए यहां क्लिक करें ।
प्रतिभूति : चालू परिसंपत्तियों पर प्रभार, सहायक प्रतिभूति, यदि आवश्यक हो ।
- बिल का भुगतान (भांजन) :
बिक्री उपरांत सीमा (ऋण) के रूप में ।
सुविधा की राशि : सामान्यभत: बिल की राशि के एक विशिष्ट प्रतिशत तक / एल / सी या पक्काश आदेश ।
भांजन : एलसी या फर्म आदेश ।
ब्याज दर : ब्याज दर देखने के लिए यहां क्लिक करें ।
प्रतिभूति : बिल पर प्रभार, सहायक प्रतिभूति यदि आवश्यक हो ।
गैर निधिक सुविधाएं -
- सामान (माल) और माल की खरीद हेतु साख पत्र सुविधा ।
- बिड बांड, निष्पा दन बांड आदि के रूप में गारंटी जारी करने हेतु गारंटी पत्र सुविधा ।
अंतर्राष्ट्रीय व्याषपार के वित्तपोषण हेतु बैंक निम्ननलिखित को कार्यशील पूंजी सुविधा प्रदान करता है -
निर्यातकों को
आयातकों को
निर्यातकों हेतु
कार्यशील पूंजी वित्त प्रदान किया जा सकता है -
- पोत-लदान पूर्व स्थिति
- पोत-लदानोत्तर स्थिति
- पोतलदान पूर्व स्थिति में वित्त पैकिंग ऋण प्रयोजन के रूप में प्रदान किया जाता है :
निर्यात किए जाने वाले माल की खरीद / उत्पादन हेतु
पैकिंग ऋण राशि : माल की एफओबी कीमत के 90 प्रतिशत तक
ब्याज दर : ब्याज दर देखने के लिए यहां क्लिक करें
प्रतिभूति : वित्त से निर्मित परिसंपत्ति पर प्रभार
पुनर्भुगतान : निर्यात से प्राप्त राशि, समझौते से प्राप्त राशि / निर्यात बिलों के भांजन से प्राप्त राशि
- पोत-लदानोत्तर स्थिति में निर्यात वित्त के जरिए प्रदान किया जाता है -
- समझौता / निर्यात बिल के भांजन
- वसूली बिल पर रुपया अग्रिम
- निर्यात प्रोत्साहन पर अग्रिम
अग्रिम पुनर्भुगतान निर्यात से होने वाली आय से या प्राप्त रकमों से किया जा सकेगा तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार ब्याज लगेगा ।
निर्यात वित्त, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगी दरों पर विदेशी मुद्रा में भी प्रदान किया जाता है । ब्या़ज दरें लायबर से संबद्ध होती है जो अधिकतम लायबर + 1.5 प्रतिशत होगी । पोत-लदान पूर्व चरण में विदेशी मुद्रा में वित्त, पोत-लदान पूर्व ऋण के रूप में दिया जाता है और पोतलदानोत्तर चरण में विदेशी मुद्रा निर्यात बिल के भांजन के रूप में दिया जाता है ।
आयातकों हेतु -
आयातकों हेतु निधिक कार्यशील पूंजी वित्त नकद ऋण सुविधा के रास्तेर तथा गैर निधिक कार्यशील पूंजी वित्त आयात साख पत्र के रास्ते कार्पोरेट्स को दिया जाएगा जो आयात है ।
विदेशी मुद्रा उधार देना -
बैंक आयातकों / रहवासी घटकों (ग्राहकों) को अल्पावधि विदेशी मुद्रा ऋण भी उपलब्ध करता है । यह लायबर से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगी / प्रतिस्पतर्धी ब्याज दर पर वित्त आगमन / प्रवेश का अधिकार प्रदान करता है । |